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महाराष्ट्र के सोलापुर में लोकमंगल बैंक की बाश्री शाखा से भारत की पहली इस्लामिक बैंकिंग सेवा officially शुरू हो गई है। इस मॉडल में न पैसा जमा करने पर ब्याज मिलेगा और न ही लोन लेने पर इंटरेस्ट देना पड़ेगा।
पहले ही दिन बैंक ने 12 लोगों को 1 लाख से लेकर 50 हजार रुपये तक का ब्याज-मुक्त कर्ज जारी किया।
कुछ समय पहले रिज़र्व बैंक (RBI) ने केंद्र सरकार को इस्लामिक बैंकिंग का प्रस्ताव भेजा था।
11 सितंबर को सरकार ने इसे मंजूरी दी और इसके बाद महाराष्ट्र के सहकारिता, विपणन एवं उद्योग मंत्री सुभाष देशमुख ने लोकमंगल बैंक में इस सेवा की शुरुआत की।
इस्लामिक बैंक शरिया कानून के सिद्धांतों पर काम करते हैं। इसमें:
न बैंक ब्याज लेता है
न ग्राहकों को ब्याज देता है
बैंक व्यापार/निवेश से जो भी कमाई करता है, उसे खाताधारकों में बांट दिया जाता है।
इस बैंक के पैसे इन क्षेत्रों में नहीं लगाए जा सकते:
जुआ
शराब
सूअर का मांस
हथियार
हानिकारक कारोबार
कई देशों में इस्लामिक बैंक के ऊपर शरिया बोर्ड (Islamic Scholars Committee) मार्गदर्शन करती है।
Zero% Interest Loan
Ethical Investment System
Profit Sharing Model
Responsible Banking
Poor & Middle-Class लोगों के लिए बेहतर विकल्प
भारत जैसे विशाल देश में एक वैकल्पिक बैंकिंग व्यवस्था लाखों लोगों के लिए नया वित्तीय विकल्प खोल सकती है।
विशेषज्ञों के अनुसार आने वाले समय में इसकी मांग तेजी से बढ़ सकती है।
I think this is very helpful for starting any business.
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