ढाका विधानसभा चुनाव 2025: फैसल रहमान ने 178 वोट से दर्ज की जीत, पवन जायसवाल को मिली शिकस्त

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ढाका विधानसभा चुनाव 2025: फैसल रहमान ने 178 वोट से दर्ज की जीत , पवन जायसवाल को मिली शिकस्त बिहार के ढाका विधानसभा क्षेत्र से एक बेहद रोमांचक और करीबी मुकाबले में आरजेडी उम्मीदवार फैसल रहमान ने जीत दर्ज की है। उन्होंने बीजेपी प्रत्याशी पवन कुमार जायसवाल को मात्र 178 वोटों के अंतर से हरा दिया। 🗳 ️ मतगणना के आंकड़े ( Final Result): ·          फैसल रहमान ( RJD): लगभग 1,12,727 वोट ·          पवन कुमार जायसवाल ( BJP): लगभग 1,12,549 वोट ·          जीत का अंतर: सिर्फ 178 वोट यह चुनाव परिणाम इस बात का साफ उदाहरण है कि हर एक वोट कितना महत्वपूर्ण होता है । अंतिम राउंड तक मुकाबला बेहद कड़ा बना रहा और आख़िरकार फैसल रहमान ने बेहद मामूली बढ़त के साथ जीत हासिल की। 📌 स्थानीय प्रतिक्रिया: ढाका क्षेत्र में आरजेडी समर्थकों में भारी उत्साह देखा गया , वहीं बीजेपी खेमे में निराशा का माहौल रहा। राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि यह परिणाम आने वाले समय में क्षेत्र की...

देश को मिला पहला इस्लामिक बैंक , क़र्ज़ लेने पर नहीं लगेगा ब्याज , और भी बहुत सारी खूबियां !



देश का पहला इस्लामिक बैंक शुरू – बिना ब्याज मिलेगा लोन, जानिए पूरी व्यवस्था कैसे काम करती है

महाराष्ट्र के सोलापुर में लोकमंगल बैंक की बाश्री शाखा से भारत की पहली इस्लामिक बैंकिंग सेवा officially शुरू हो गई है। इस मॉडल में न पैसा जमा करने पर ब्याज मिलेगा और न ही लोन लेने पर इंटरेस्ट देना पड़ेगा
पहले ही दिन बैंक ने 12 लोगों को 1 लाख से लेकर 50 हजार रुपये तक का ब्याज-मुक्त कर्ज जारी किया।

इस्लामिक बैंकिंग भारत में कैसे शुरू हुई?

कुछ समय पहले रिज़र्व बैंक (RBI) ने केंद्र सरकार को इस्लामिक बैंकिंग का प्रस्ताव भेजा था।
11 सितंबर को सरकार ने इसे मंजूरी दी और इसके बाद महाराष्ट्र के सहकारिता, विपणन एवं उद्योग मंत्री सुभाष देशमुख ने लोकमंगल बैंक में इस सेवा की शुरुआत की।

इस्लामिक बैंकिंग कैसे काम करती है?

इस्लामिक बैंक शरिया कानून के सिद्धांतों पर काम करते हैं। इसमें:

ब्याज (Interest) पूरी तरह हराम मानी जाती है

  • न बैंक ब्याज लेता है

  • न ग्राहकों को ब्याज देता है

बैंक और ग्राहक लाभ (Profit) साझा करते हैं

बैंक व्यापार/निवेश से जो भी कमाई करता है, उसे खाताधारकों में बांट दिया जाता है

गैर-इस्लामी कार्यों में निवेश बिल्कुल नहीं

इस बैंक के पैसे इन क्षेत्रों में नहीं लगाए जा सकते:

  • जुआ

  • शराब

  • सूअर का मांस

  • हथियार

  • हानिकारक कारोबार

विद्वानों की समिति निगरानी करती है

कई देशों में इस्लामिक बैंक के ऊपर शरिया बोर्ड (Islamic Scholars Committee) मार्गदर्शन करती है।

इस्लामिक बैंक की खासियतें

  • Zero% Interest Loan

  • Ethical Investment System

  • Profit Sharing Model

  • Responsible Banking

  • Poor & Middle-Class लोगों के लिए बेहतर विकल्प

भारत में यह मॉडल क्यों महत्वपूर्ण है?

भारत जैसे विशाल देश में एक वैकल्पिक बैंकिंग व्यवस्था लाखों लोगों के लिए नया वित्तीय विकल्प खोल सकती है।
विशेषज्ञों के अनुसार आने वाले समय में इसकी मांग तेजी से बढ़ सकती है।


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Comments

  1. I think this is very helpful for starting any business.

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